• डीआरडीओ के अधिकारियों के मुताबिक इस अस्पताल में 250 आईसीयू बेड समेत 10 हजार बेड हैं
  • अस्पताल पूरी तरह से वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन के दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है

दैनिक भास्कर

Jul 05, 2020, 01:56 PM IST

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड केयर रविवार को शुरू हो गया। केंटोनमेंट में बने इस अस्थायी सेंटर का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल कोविड-19 अस्पताल रखा गया है। इसे भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संस्थान (डीआरडीओ) के अधिकारियों के मुताबिक इसमें 250 आईसीयू बेड समेत 10 हजार बेड हैं।  

इस कोविड केयर सेंटर को 11 दिन में तैयार किया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इसका उद्घाटन किया। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इसे देखने पहुंचे। डीआरडीओ के चेयरमैन जी सतीश रेड्‌डी और आईटीबीपी के चीफ एसएस देसवाल भी मौजूद रहे।

राजनाथ और अमित शाह कोविड केयर सेंटर देखने पहुंचे।

कई संगठनों ने साथ मिलकर तैयार किया: राजनाथ

राजनाथ ने इस मौके पर कहा कि इस अस्पताल को डीआरडीओ, गृह मंत्रालय और टाटा सन्स एंड इंडस्ट्रीज समेत कई संगठनों के साथ मिलकर तैयार किया है। इसे पूरी तरह से वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन के दिशानिर्देशों के मुताबिक तैयार किया गया है। जहां हम कोरोना मरीजों को बेहतर इलाज देकर बीमारी से लोगों की सुरक्षा के लिए तैयार हैं, वहीं मोर्चे पर हमारी सेना दुश्मनों से हमारी सुरक्षा में डटी हुई है।

प्रधानमंत्री के लद्दाख दौरे से सेना का मनोबल बढ़ा: आईटीबीपी चीफ

भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी के बीच भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) चीफ ने रविवार को कहा कि भारतीय सेना का मनोबल बहुत हाई है। सेना का हर जवान देश की सुरक्षा के लिए हमेशा की तरह अपनी जान की बाजी लगाने को तैयार है। आईटीपी के डायरेक्टर जनरल (डीजी) एसएस देसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लद्दाख दौरे से सेना के मनोबल पर बहुत प्रभाव पड़ा है।

दिल्ली के नए कोविड केयर सेंटर में आईटीबीपी चीफ एसएस देसवाल।

दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए बेड की कमी नहीं: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि फिलहाल दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए बेड की कमी नहीं है। कुल 15 हजार बेड है जिनमें से 5300 पर मरीजों को रखा गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में इस 10 हजार बेड वाले अस्पताल की सख्त जरूरत थी। अगर दिल्ली में संक्रमितों की संख्या बढ़ती है तो यह मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि एक महीने पहले दिल्ली में लॉकडाउन हटाने के बाद मामले बढ़े थे, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है।



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