• अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आदेश देते हैं, तो चीनी उड़ानों पर पहले भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है
  • अमेरिकी परिवहन विभाग ने कहा- चीन उड़ानों को लेकर दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन कर रहा है

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 05:34 PM IST

बीजिंग. चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने बुधवार को 16 जून से चीन की सभी फ्लाइट्स की एंट्री पर बैन लगा दिया है। इसके जवाब में चीन ने गुरुवार को कहा कि वह अमेरिकी एयरलाइंस को अपने देश में सीमित उड़ानों की अनुमति देगा।

चीन में कोरोनावायरस के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन, अब विदेशी एयरलाइंस को सीमित उड़ानों की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही अमेरिकी एयरलाइंस पर लगी पाबंदी भी हट जाएगी।

अमेरिकी एयरलाइंस 1 जून से चीन में उड़ानें शुरू करना चाहती थीं

अमेरिका के ट्रांसपोर्टेशन डिपार्टमेंट ने कहा- जनवरी 2020 में दोनों देशों के बीच उड़ानें कम हो गई थीं। इसके बाद अमेरिकन एयरलाइंस, डेल्टा एयर लाइंस, यूनाइटेड एयरलाइंस अमेरिका और चीन के बीच फ्लाइट्स ऑपरेट कर रही थीं। चीन की एयरलाइंस ने भी अपनी कुछ फ्लाइट्स के ऑपरेशन बंद किए हैं।

ट्रांसपोर्टेशन डिपार्टमेंट ने कहा- यूनाइटेड एयरलाइंस और डेल्टा एयरलाइंस 1 जून से चीन के लिए उड़ानें शुरू करना चाहती थी। लेकिन, उनके अनुरोधों के बावजूद चीन सरकार उड़ानों को मंजूरी देने में नाकाम रही। कोरोनावायरस के चलते उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया गया था।

चीनी अधिकारियों से बात की जाएगी

ट्रांसपोर्टेशन डिपार्टमेंट का कहना है कि चीन उड़ानों को लेकर दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन कर रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्ता बना रहे, इसके लिए चीन के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।



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