भारत में कोरोना वायरस का कहर ज़ारी है। इस बीच खबर आई है कि खतरे को देखते हुए भारत सरकार इन दिनों एक ऐप पर काम कर रही है। इस ऐप के ज़रिए लोगों को इस खतरनाक वायरस के प्रति जागरुक रखने की कोशिश की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, इस ऐप का नाम CoWin-20 होगा, जो फिलहाल ट्रायल फेज़ में है। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य यूज़र्स को कोरोना वायरस प्रभावित जगहों की यात्रा ना करने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही वह अपने आसपास इस महामारी से प्रभावित लोगों को ट्रैक कर सकेंगे। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह ऐप यूज़र्स के लिए उन लोगों को भी ट्रैक करेगा जिनसे वह हाल-फिलहाल मिले थे और वह बाद में इस बीमारी से पीड़ित हो गए। हालांकि, यह अभी भी साफ नहीं है कि सरकार कब और कैसे इस कोरोना वायरस ट्रैकर ऐप को लॉन्च करेगी। फिलहाल, भारत सरकार का एक अन्य कोरोना वायरस ट्रैकिंग ऐप एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।

News18 के अनुसार, इस ऐप को नीति आयोग द्वारा बनाया जा रहा है और जल्द ही इसे गूगल प्ले स्टोर व ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, CoWin-20 ऐप कुछ यूज़र्स के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।

इस ऐप का मकसद

1. यूजर लोकेशन के ज़रिए कोरोना वायरस के कम्युनिटी प्रसार पर निगरानी रखना।

2. कोरोना वायरस से पीड़ित शख्स के आसपास रहने पर यूज़र को अलर्ट करना।

3. यह ऐप यूज़र्स को उन लोगों का नोटिफिकेशन भेजेगा जो यूज़र के करीब थे और अब COVID-19 पॉजिटिव पाए गए हैं।

CoWin-20 ऐप के बीटा वर्ज़न को The Next Web ने भी इस्तेमाल किया है। उन्होंने पाया कि सरकार ब्लूटूथ के जरिए कोरोना वायरस के संबंध में यूज़र्स का डेटा हासिल करेगी। रिपोर्ट में दावा है, “यह ऐप ब्लूटूथ के जरिए यह चेक करता है कि आप कोरोना वायरस पीड़ित व्यक्ति से 6 फीट की दूरी में गए हैं क्या।”

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस ऐप में मैप की तरह फीचर दिया जाएगा, जो यूज़र की लोकेशन हिस्ट्री को ट्रेस करता रहेगा। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है, “मैप-19 का धन्यवाद, पिछले 14 दिनों से मैं उन सभी जगहों को जहां मै गया था और उन सभी लोगों को देख पाया जो मुझसे 5 फीट दूर थे।”

Next Web को शक है कि CoWin-20 ऐप के बीटा वर्ज़न में मौजूद कुछ फीचर इसके फाइनल वर्ज़न में शामिल नहीं होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ऐप सबसे पहले लोकेशन डेटा एक्सेस की अनुमति मांगेगा, इसको लेकर यूज़र की प्राइवेसी पर सवाल खड़ा हो सकता है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए भारत में फिलहाल 21 दिनों तक का लॉकडाउन घोषित किया गया है।



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