• पुलिस ने अमर को सरेंडर का मौका दिया था, लेकिन उसने फायरिंग कर दी; 2 पुलिसकर्मी जख्मी
  • विकास दुबे की तलाश में हरियाणा समेत 5 राज्यों की पुलिस अलर्ट, उसके टैक्सी या ऑटो से मूवमेंट करने का शक

दैनिक भास्कर

Jul 08, 2020, 11:11 AM IST

कानपुर. चौबेपुर के बिकरू गांव में हुए शूटआउट के छठे दिन पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी अमर दुबे का एनकाउंटर कर दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने हमीरपुर में अमर को मार गिराया। अमर बिकरू के शूटआउट में शामिल था और विकास का राइट हैंड कहा जाता था। पुलिस ने अमर पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। दूसरी ओर विकास के साले ज्ञानेंद्र प्रकाश को मध्य प्रदेश के शहडोल से हिरासत में लिया गया है। 

इससे पहले मंगलवार को विकास फरीदाबाद के एक होटल में देखा गया, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया। सूत्रों के मुताबिक विकास फरीदाबाद के सेक्टर-87 में अपने रिश्तेदार के घर रुका था। अपने साथियों अंकुर और प्रभात को होटल में रुकवाया था। उनसे मिलने विकास होटल गया था। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही विकास फरार हो गया। अंकुर और प्रभात को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 2 पिस्टल भी मिली हैं, ये यूपी पुलिस की हैं। बिकरू शूटआउट में बदमाशों ने 8 पुलिसवालों की हत्या कर कर उनके हथियार भी लूट लिए थे।

अमर की ऑटोमैटिक गन बरामद
बुधवार सुबह अमर की ओर से हुई फायरिंग में एसआई मनोज शुक्ला और एसटीएफ का एक सिपाही घायल हो गया। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि एनकाउंटर अमर के हमीरपुर में होने की सूचना पर एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची। अमर को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। हमीरपुर के एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अमर की ऑटोमैटिक गन और एक बैग बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक टीम जांच कर रही है।

एनकाउंटर के बाद अमर का शव।

अमर ने सीओ की हत्या की थी
अमर ने 10 बदमाशों के साथ बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र की हत्या की थी। अमर और उसके साथी मिश्र को घसीटकर विकास दुबे के मामा प्रेम कुमार पांडे के घर में ले गए और गोलियों से भून दिया। धारदार हथियार से भी वार किए थे। प्रेम कुमार पांडे एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है।

अमर दुबे (बाएं) विकास दुबे के साथ। (फाइल फोटो)

अमर का लखनऊ में भी घर
कानपुर शूटआउट की एफआईआर में अमर दुबे का नाम 14वें नंबर पर और वॉन्टेड अपराधियों की लिस्ट में पहले नंबर पर था। शूटआउट के बाद अमर और विकास साथ-साथ फरार हुए थे, लेकिन औरैया से अलग-अलग हो गए। यह भी पता चला कि अमर और विकास रिश्तेदार थे। अमर रंगदारी और शराब के ठेकों से वसूली करता था।

कानपुर एनकाउंटर के बाद पुलिस ने विकास की गैंग में शामिल लोगों के फोटो जारी किए थे।

यूपी, हरियाणा समेत 5 राज्यों में अलर्ट
गुड़गांव के कमिश्नर केके राव ने एक ऑडियो मैसेज में कहा है कि विकास गुड़गांव में एंट्री कर सकता है। उसके पास पर्सनल गाड़ी नहीं है। वह थ्री-व्हीलर या टैक्सी से मूवमेंट कर सकता है। सभी बॉर्डर पर नजर रखी जाए। इसके साथ ही यूपी, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा में अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में पुलिस विकास और उसके गुर्गों की तलाश कर रही है। विकास की पहचान के तौर पर बताया गया है कि वह लंगड़ा कर चलता है।

विकास के 2 और साथी गिरफ्तार
इस बीच कानपुर पुलिस ने विकास दुबे की गैंग में शामिल विकास बाजपेई और श्यामू बाजपेयी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पैरों में गोली लगने के बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। श्यामू का मकान विकास के घर के पास ही है। बिकरू शूटआउट से पहले श्यामू की कोई क्राइम हिस्ट्री नहीं थी।

पैर में गोली लगने के बाद श्यामू बाजपेयी।

बिकरू गांव में कुएं में हथियार होने की आशंका
पुलिस आज फिर बिकरू गांव पहुंची है। वहां विकास दुबे के घर के पास एक कुआं है। आशंका है कि कुएं में हथियार फेंके गए हैं। पुलिस पंपिंग सेट लगाकर कुएं का निकलवा रही है।

कानपुर शूटआउट केस में अब तक क्या हुआ?
2 जुलाई: विकास दुबे को गिरफ्तार करने 3 थानों की पुलिस ने बिकरू गांव में दबिश दी, विकास की गैंग ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
3 जुलाई: पुलिस ने सुबह 7 बजे विकास के मामा प्रेमप्रकाश पांडे और सहयोगी अतुल दुबे का एनकाउंटर कर दिया। 20-22 नामजद समेत 60 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। विकास पर 2.5 लाख, अमर पर 25 हजार और दूसरे लोगों पर 18-18 हजार रुपए का इनाम घोषित।
5 जुलाई: पुलिस ने विकास के नौकर और खास सहयोगी दयाशंकर उर्फ कल्लू अग्निहोत्री को घेर लिया। पुलिस की गोली लगने से दयाशंकर जख्मी हो गया। उसने खुलासा किया कि विकास ने पहले से प्लानिंग कर पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।
6 जुलाई: पुलिस ने अमर की मां क्षमा दुबे और दयाशंकर की पत्नी रेखा समेत 3 को गिरफ्तार किया। शूटआउट की घटना के वक्त पुलिस ने बदमाशों से बचने के लिए क्षमा दुबे का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन क्षमा ने मदद करने की बजाय बदमाशों को पुलिस की लोकेशन बता दी। रेखा भी बदमाशों की मदद कर रही थी।
8 जुलाई: एसटीएफ ने विकास के करीबी अमर दुबे को मार गिराया।

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