• भारत स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में जासूसी का मामला सामने आने के बाद पाकिस्तान की आईएसआई ने यह हरकत की
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार भारतीय उच्चायोग से कुछ अफसरों को भारत वापस भेजने की तैयारी कर रही है

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 08:33 PM IST

इस्लामाबाद. पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास के एक्टिंग हाईकमिश्नर गौरव अहलूवालिया को आईएसआई द्वारा परेशान करने का मामला सामने आया है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें बताया गया है कि आईएसआई के एजेंटों ने घर जाते वक्त अहलूवालिया की कार का पीछा किया।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अहलूवालिया के घर के बाहर भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के कई एजेंट कार और बाइकों पर नजर आए। यह हरकत वरिष्ठ राजनयिक अहलूवालिया को परेशान करने और भड़काने के लिए की गई है।

पाक हाईकमिशन में जासूसी का मामला सामने आने पर अहलूवालिया को समन भेजा था
एक जून को भी अहलूवालिया को पाकिस्तान सरकार ने समन भेजा था। वहां के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाईकमिशन के दो अफसरों पर जासूसी का आरोप लगाए जाने पर आपत्ति जाहिर की थी। पाकिस्तान की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान भारतीय उच्चायोग से कई अधिकारियों को वापस भारत भेजने की तैयारी कर रहा है। 

31 मई को गिरफ्तार किए गए थे पाकिस्तानी दूतावास के दो अफसर
दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी दूतावास के दो अफसरों को 31 मई को जासूसी करते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इन्हें तब गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक व्यक्ति को पैसों का लालच देकर सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज ले रहे थे। दोनों जासूस दूतावास में वीजा असिस्टेंट के तौर पर काम करते हैं।

आईएसआई के लिए जासूसी करते पकड़े जाने पर उन्होंने खुद को भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश की। उनके पास फर्जी आधार कार्ड, भारतीय मुद्रा और आईफोन मिले। इन दोनों अफसरों को अगले ही दिन पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था।

दोनों ही मुख्य तौर पर आईएसआई के एजेंट थे

पाकिस्तान एम्बेसी के वीजा सेक्शन में तैनात इन दोनों अफसरों के नाम आबिद हुसैन और ताहिर खान थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आबिद ने अपने हैंडलर्स तक सेना और हथियारों के मूवमेंट की जानकारी पहुंचाने की कोशिश की थी। दोनों ही मुख्य तौर पर आईएसआई के एजेंट थे। इनके पास से कई जाली दस्तावेज बरामद किए गए थे। इनका इस्तेमाल ये भारत में घूमने और सूचनाएं जुटाने के लिए करते थे।





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