दैनिक भास्कर

Aug 10, 2019, 12:37 PM IST

ऑटो डेस्क, संचित टंडन, नई दिल्ली. स्मार्टफोन की वजह से हेलमेट को भी स्मार्ट होना पड़ा है। अब यह न केवल राइडर को बार-बार फोन उठाने के झंझट से बचाते हैं बल्कि नैविगेट भी करते हैं। कुछ में तो रिअर व्यू कैमरे भी दिए जा रहे हैं। जानिए ऐसे ही कुछ हेलमेट्स के बारे में।

 

> विदेशी कंपनी ‘सेना’ ने हाल ही में स्मार्ट हेलमेट पेश किया है जो कैमरे के साथ आता है। इसमें इंटेलिजेंट नॉइज़ कंट्रोल है, ब्लूटूथ ऑडियो, ग्रुप इंटरकॉम, वॉइस कमांड्स और म्यूजि़क शेअरिंग है। 

 

> ‘क्विन डिजाइन्स’ ने हेलमेट को सादा ही रखा है। बिना ध्यान भटकाए कनेक्ट करने पर फोकस किया है। सिस्टम इतनी सफाई से लगाया है कि यह आम हेलमेट जैसा दिखता है। क्रैश डिटेक्शन से राइडर सुरक्षित महसूस करता है। 

 

> लास वेगस 2019 के कंज्यूमर ट्रेड शो में ‘एरगॉन ट्रांसफॉर्म’ ने काफी एडवांस सिस्टम पेश किया। यह हेड्स-अप डिस्प्ले सिस्टम है जो राइडर को जरूरी राइडिंग इन्फर्मेशन देता है जिससे उसे अपने स्मार्टफोन के नैविगेशन को देखने की जरूरत नहीं होती और पूरा ध्यान सड़क पर रहता है। इसे किसी भी हेलमेट में लगाया जा सकता है। इसी कंपनी ने ड्यूल कैमरा स्मार्ट हेलमेट अटैचमेंट भी पेश किया, जो दुनिया का पहला है। हैंडलबार पर रिमोट कंट्रोल है और डैश कैम के साथ रिअर व्यू कैमरे को कंट्रोल करता है। 

 

> ‘क्रॉसहेलमेट’ में हेड्सअप डिस्प्ले, रिअर व्यू कैमरा, वॉइस कंट्रोल जैसे फीचर मिलेंगे। यह सेफ्टी लाइट के साथ आता है। 

 

> ‘रीवू एमएसएक्स1’ स्मार्ट हेलमेट नहीं है लेकिन यह काफी समझदार है। इसमें एक मिरर सिस्टम लगा है जो राइडर को पीछे का आभास देता है। इसमें ना तो कोई चार्जिंग है और ना ही कोई बैट्री है। 

 

आसान नहीं रहा सफर 

 

हेलमेट के स्मार्ट बनने का सफर आसान नहीं था। नुविज़ जैसी कुछ कंपनियों के पास अच्छे प्रोडक्ट्स थे लेकिन बाजार में नहीं चले। इन्हें खरीदना महंगा सौदा है। किसी विदेशी स्मार्ट हेलमेट को खरीदने का सोचेंगे तो बात लाखों रुपए खर्चने पर जा सकती है। बड़ी चुनौती यह थी कि हेलमेट की मजबूती से समझौता ना करना पड़े। 



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