Aarogya Setu ऐप को भारत सरकार ने 2 अप्रैल को लॉन्च किया था। यह ऐप Android और iOS यूज़र्स के लिए लॉन्च किया है। सबसे पहले आपको बता दें कि COVID-19 बिमारी, जो कोरोनावायरस के संक्रमण से तेज़ी से फैल रही है, यह ऐप उसी संक्रमण को ट्रैक करने के लिए लॉन्च किया गया है। हाल ही में जानकारी मिली थी कि इस ऐप ने लॉन्च के तीसरे दिन ही 5 मिलियन यानी 50 लाख डाउनलोड्स का आंकड़ा पार कर लिया था और अब नई जानकारी सामने आई है, जिसमें पता चला है कि इस ऐप ने लॉन्च के 13 दिन बाद 5 करोड़ डाउनलोड हासिल कर लिए हैं। इसका मतलब है कि इस ऐप को ग्लोबल स्तर पर 5 करोड़ से अधिक लोगों ने डाउनलोड कर लिया है।

NITI Aayog के सीईओ अमिताभ कांत ने बुधवार को आरोग्य सेतु ऐप के इस आकड़े की जानकारी दी। जैसा कि हमने आपको बताया कि आरोग्य सेतु ऐप को भारत सरकार ने 2 अप्रैल को लॉन्च किया था। यह ऐप कोरोनावायरस संक्रमण को ट्रैक करने के लिए बनाई गई है। भारत सरकार और कई अन्य सरकारी संस्थान इस ऐप को बढ़ावा देने के लिए लगातार विज्ञापन कर रही हैं, लेकिन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए इसे डाउनलोड करने की अपील की, जिसके बाद 24 घंटे के भीतर इसे एक करोड़ नए यूज़र्स ने डाउनलोड किया है।
 

जो लोग इस ऐप के बारे में नहीं जानते उन्हें बता दें कि यह ऐप यूज़र्स को यह जानने में मदद करता है कि उसे कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा है या नहीं। क्या वह जाने-अनजाने में किसी कोरोना वायरस संक्रमित इंसान के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ है या नहीं।

आरोग्य सेतु ऐप को कोरोना वायरस संबंधित सभी जानकारियों का अधिकारिक स्त्रोत समझा जा सकता है, जिसके जरिए कोविड-19 के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है। इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें विद्यालय भी शामिल है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सभी स्कूलों और संस्थानों के छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, कर्मचारियों और अन्य परिवार के सदस्यों से ऐप को इंस्टॉल कर इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।

आरोग्य सेतु ऐप कोरोना वायरस से संबंधित खतरों को जानने और उसका सामना करने में मदद करती है। यह सभी जानकारियां सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गईं है। इसके अलावा, आपको इस ऐप में अंग्रेजी, हिंदी के अलावा कई क्षेत्रिय भाषा जैसे गुजराती, मराठी आदि की भी सपोर्ट मिलेगा। जो लोग ऐप के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में मांगे गए ब्लूटूथ और लोकेशन ट्रैक एक्सेस की वजह से प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर परेशान थे, उनके लिए सरकार का दावा किया है कि ऐप में स्टोर डेटा ‘इनक्रिप्टेड’ है और यह किसी थर्ड पार्टी ऐप के साथ साझा नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह डेटा केवल भारत सरकार के साथ ही साझा किया जाएगा।

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