इनफोकस लगातार एक के बाद एक कई स्मार्टफोन लॉन्च कर रही है। हालांकि, कंपनी के प्रोडक्ट बाजार में बहुत ज्यादा पहचाने नहीं जाते लेकिन इसके प्रोडक्ट लगातार अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। अधिकतर ब्रांड की तरह इनफोकस ने भी मिड-रेंज स्मार्टफोन बाजार पर अपना फोकस किया हुआ है जहां आजकल कड़ी टक्कर है। हाल ही में हमने कम बजट वाले स्मार्टफोन इनफोकस बिंगो 21 का रिव्यू किया था और आज हम एक नए मॉडल बिंगो 50 का रिव्यू करेंगे।

कंपनी इस सीरीज के स्मार्टफोन की ब्रांडिंग ”फोन फॉर फन” के तौर पर कर रही है। बिंगो 50 स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशन थोड़े बहुत बिंगो 21 से मिलते-जुलते हैं। यहां जानें हमने इस स्मार्टफोन में क्या देखा और पाया।
 

लुक एंड डिजाइन
बिंग 50 देखने में स्मार्टफोन अपनी ही सीरीज के लो-बजट कलरफुल स्मार्टफोन बिंगो 21 जैसा लगता है। यहां तक कि एक तरह से इस फोन में पुराने इनफोकस एम350 स्मार्टफोन की बॉडी का ही इस्तेमाल हुआ है। कैमरे की जगह और आकार स्पीकर और बटन तक सभी जाने-पहचाने से लगते हैं।

स्मार्टफोन देखने में अच्छा लगता है लेकिन स्क्रीन के ऊपर और नीचे मोटे पैनल की वजह से थोड़ा भारी महसूस होता है। फ्रंट कैमरा और ईयरपीस शानदार हैं और ऊपर की तरफ बायें कोने पर एलईडी लाइट है जो आपको सिर्फ जलने पर ही दिखती है। स्क्रीन के नीचे की तरफ बड़ा सा इनफोकस लोगो है।
 

बिंगो 50 गो रियर कवर के साथ अलग-अलग रियर कवर के साथ उपलब्ध है। एक रियर कवर लेदर जैसे टेक्सचर का बना है जबकि दूसरा सैंडपेपर फिनिश वाला है।

कैमरा लेंस, फ्लैश और माइक रियर के ऊपरी आधे हिस्से में दिये गए हैं। नीचे की तरफ दिये गए तीन छेद किसी एक्सेसरी कनेक्टर की तरह दिखते हैं लेकिन बिंगो 50 के स्पीकर हैं। फोन में दो माइक्रो-सिम स्लॉट और एक माइक्रोएसडी स्लॉट दिया गया है। फोन की बैटरी विजिबल है लेकिन रिमूवेबल नहीं है।
 

अगल फोन में सैंडपेपर फिनिश नहीं होता तो यह फोन हाथ में पकड़ने और इस्तेमाल के लिए बेहद सुविधाजनक हो सकता था। फोन के किनारे हमें हाल ही में लॉन्च हुए मोटोरोला स्मार्टफोन की डिजाइन याद दिलाते हैं। लेकिन फोन का लम्बा आकार सबसे बड़ी समस्या है और एक हाथ से फोन को इस्तेमालकर स्क्रीन के हर किनारे तक पहुंचने में यह सबसे बड़ी दिक्कत देता है।

स्पेसिफिकेशन
जैसी कि उम्मीद थी फोन में ‘1.3 गीगाहर्ट्ज़ क्वाड-कोर’ प्रोसेसर है जिसे इनफोकस ने स्टैंडर्ड मीडियाटेक एमटी6735 नाम दिया है। इस कीमत में यह प्रोसेसर ठीक है। हालांकि यह बहुत दमदार प्रोसेसर नहीं कहा जा सकता लेकिन दिनभर के सामान्य काम के लिए यह ठीकठाक है। फोन में 3 जीबी रैम और 16 जीबी स्टोरेज है जिसे माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से बढ़ाकर 64 जीबी तक किया जा सकता है। फोन अधिकतर भारतीय नेटवर्क को कवर करने वाले बैंड 3 और 40 पर 4जी सपोर्ट देता है।
 

फोन का स्क्रीन 5 इंच है और रिजॉल्यूशन 720×1280 पिक्सल है। इसके अलावा वाई-फाई बी/जी/एन, ब्लूटूथ 4.1, ए-जीपीएस और यूएसबी-ओटीजी जैसे कनेक्टिविटी फीचर भी इस स्मार्टफोन में मौजूद हैं। फोन की बैटरी 2500 एमएएच है जिसे फोन के हिसाब से थोड़ा कम आंका जा सकता है।

इनफोकस का कहना है कि एक इसकी कैमरा क्वालिटी एक ब्रांड के तौर पर फोन को सबसे अलग बनाता है। फोन में रियर और फ्रंट दोनों कैमरे 8 मेगापिक्सल के हैं। इसके साथ ही दोनों में एफ/2य2 अपर्चर के साथ एक जैसे सेंसर दिये गए हैं। हमें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि फोन में इतने बेहतर फ्रंट कैमरे के साथ फ्लैश नहीं दिया गया है लेकिन उम्मी दै है कि फोन से बेहतर क्वालिटी की तस्वीर ली जा सकेगी।  
 

बहरहाल, इस फोन का सबसे खस फीचर जो हमें लगा वो है एंड्रॉयड 6.0 मार्शमैलो के साथ आना। हमें खुशी हुई कि इनफोकस उन कंपनियों में शामिल है जो लॉन्च के तुरंत बाद अपडेट रिलीज करने का वादा करती हैँ। एंड्रॉयड इंटरफेस कम पॉलिश्ड है।

अगर आप फोन को अपने अनुसार कस्टमाइज करना पसंद करते हैं तो आपको फोन में ऐप ड्रॉयर और होमस्क्रीन पसंद आ सकती है। फोन में एक ईज़ेड लॉन्चर भी मौजूद है जिससे आप फोन के डिस्प्ले को कम कर बैटरी बचा सकते हैं।
 

हमने नोटिस किया कि फोन के सुपरपॉवरसेविंग मोड में भी थोड़ी परेशानी आती है। इससे स्विच आउट करने के दौरान वाई-फाई और सेल्युलर डेटा डिसेबल रहे जबकि प्रीफर्ड नेटवर्क 2जी पर अटक गया।

इनफोकस बिंगो 50 में प्री-इंस्टॉल ऐप मोबाइल असिस्टेंट की मदद से आप मेमोरी यूजेज जांच सकते हैं। पॉवर डिटेक्टिव ऐप से आप जान सकतेहैं कि कौन से ऐप और फीचर आपकी बैटरी जल्दी खत्म कर रहे हैं। ऐप ट्रैफिक कंट्रोल से आप एक इंडिविजुअल ऐप को वाई-फाई और सेल्युलर डेटा के इस्तेमाल से रोक सकते हैं।
 

परफॉर्मेंस
बिंगो 50 के इस्तेमाल के दौरान हमें इसकी परफॉर्मेंस ठीकठाक लगी। यह अंदर से देखने पर एम460 की तरह जबकि पहली झलक में आप इसे एम350 की तरह लग सकता है। पता नहीं, इनफोकस ने इस फोन को अपनी नई बिंगो सीरीज में जगह क्यों दी है।

फोन में एक बजट स्मार्टफोन के सभी हॉलमार्क हैं। फोन में कोई भी बेजोड़ फीचर या स्पेसिफिकेशन नहीं है लेकिन इस कीमत पर इसकी परफॉर्मेंस बेहद अच्छी कही जा सकती है। फोन का डिस्प्ले चमकदार और वाइब्रेट है।
 

उम्मीद के मुताबिक ही एमटी6735 प्रोसेसर ने जीपीयू से कम सीपीयू साइड पर ज्यादा काम करता है। फोन के बेंचमार्क आंकड़ें ठीकठाक रहे। कैजु्अल गेम फोन में ठीकठाक चले।

हमारे वीडियो लूप टेस्ट में फोन की बैटरी 8 घंटे 46 मिनट तक चली। वहीं फोन के दिनभर सामान्य इस्तेमाल के दौरान हमें पूरे दिन के बाद देर रात फोन को चार्ज करने की जरूरत पड़ी।
 

कैमरा
कम कीमत के फोन के हिसाब से कैमरा परफॉर्मेंस अच्छी रही। फोन की तस्वीरें डिटेलयुक्त दिखीं। हालांकि, कलर वॉश आउट होजाते हैं और ज्यादा रोशनी वाली जगह पर तस्वीरें ज्यादा एक्सपोज हो जाती है। हमें फोन की कम कीमत को देखते हुए कैमरा परफॉर्मेंस बेहद पसंद आई। ऑटोफोकस अधिकतर काम नहीं करता है और कई बार तो यह पूरी तरह से बंद ही हो जाता है लेकिन कुल मिलाकर तस्वीरें बेहतर रहीं।
 

बात करें 8 मेगापिक्सल वाले फ्रंट कैमरे की तो डेफिनेशन और ब्राइटनेस के मामले में तस्वीरों की क्वालिटी बेहद खराब है। फ्रंट कैमरा से सिर्फ 640×480 पिक्सल की वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है।
 

हमारा फैसला
इनफोकस बिंगो 50 देखने मे भले ही आपको ग्लैमरस ना लगे लेकिन एक शुरुआती कीमत वाले फोन के हिसाब से इसमें बहुत कुछ दिया गया है। फोन के रियर कैमरे से कम रोशनी मे भी बेहतर तस्वीरें मिलती हैं लेकिन हमें फोन का सबसे बेहतर फीचर एंड्रॉयड 6.0 लगा। लेकिन अगर आप एक अच्छे सॉफ्टवेयर और कम फीचर वाले फोन को खरीदना चाहते हैं तो बिंगो 50 निश्चित तौर पर आपकी पसंद बन सकता है। लेकिन अगर आपका बजट 10,000 रुपये तक जा सकता है तो आप ज्यादा पॉवरफुल और शानदार शाओमी रेडमी नोट 3 खरीद सकते हैं जिसमें एक बजट स्मार्टफोन के लगभग सारे जरूरी फीचर मौजूद हैं।



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